कोरोना महामारी की वजह से देशभर में लगे लॉकडाउन का सकारात्मक असर पर्यावरण पर देखा जा सकता है। दुनियाभर में कॉर्बन के उत्सर्जन के मामले में भारत तीसरे नंबर पर आता है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से संचालन करने में कोयला पर ज्यादा निर्भर है जोकि कॉर्बन का उत्सर्जक है। 

India's carbon level during lockdown in 2020-21 - dailyknow.in

पिछले 12 महीनों में कोयले और तेल की मांग में कमी के कारण कोयला उत्सर्जन में मार्च महीना के आखिर तक 1.4% की गिरावट आई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के विश्लेषक लॉरी मायलिवर्टीरा और सुनील दहिया ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादन मार्च में 15% और अप्रैल में 30% तक गिर गया, को है। कोरोनोवायरस की वजह से पनपे महामारी में लगे देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ईंधन की मांग में कमी आई है।

कोरोना महामारी देश में लम्बी अवधि तक ऊर्जा नियोजन को प्रभावित कर सकती है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार्बनडाइऑक्साइड का उत्सर्जक है और अपने विकास में कोयले पर बहुत अधिक निर्भर है। लॉकडाउन के कारण भारत में वायु प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। 

लॉरी मायलिवर्टीरा और सुनील दहिया ने रिपोर्ट में लिखा है, "भारत की खराब हवा की गुणवत्ता और स्मॉग की वापसी से एक मजबूत प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा सकती है।"


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