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ये तीन उपाय को करने के बाद कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक

हार्ट अटैक आने का मुख्य जड़ है एसिडिटी. एसिडिटी दो प्रकार की होती है – एक पेट की एसिडिटी और एक रक्त ब्लड एसिडिटी. जब पेट की एसिडिटी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो वह हमारे खून में मिल जाती है और जिससे खून गाढ़ा हो जाता है, जिसे हम रक्त अम्लता या ब्लड एसिडिटी कहते हैं. जब खून गाढ़ा हो जाता है तो वह खून हमारे दिल की नलियों में से निकल नहीं पाता है, जिसकी वजह से रक्त प्रवाह रुक जाता है और हमें हार्टअटैक होता है.

ये उपाय को करने के बाद कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक –

पहला उपाय

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आधा चम्मच अर्जुन की छाल और आधी गिलास पानी लेनी है, फिर उसे उबालना है और खूब उबलने के बाद इसे चाय की तरह सुबह पीना है और रात को भी पी सकते हैं, रात को सोने के 1 घंटे पहले पीना है. इससे आपका हार्ट मजबूत होगा और सारी ब्लॉकेज दूर करेगा और साथ ही हाई बीपी को ठीक करेगा, कोलेस्ट्रॉल को ठीक करेगा, ट्राइग्लिसराइड को ठीक करेगा, मोटापा कम करेगा और आपका ईएसआर ठीक होगा. यह अर्जुन की छाल बहुत ही अच्छी दवा है.

दूसरा उपाय

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अगर आप रिफाइनरी तेल खा रहे हैं तो उसे आप तुरंत ही बंद कर दीजिए. अगर आप थोड़ा पैसा खर्च कर सकते हैं तो हमेशा सरसों का तेल सबसे उत्तम तेल है. आपके पास तिल है या मूंगफली, सरसों है तो उनका तेल निकलवाकर लाएंगे तो वह सबसे अच्छा तेल है. अगर आप यह नहीं कर सकते तो रिफाइनरी तेल को मत खाइए, उससे अच्छा आप बाजार से खरीद कर सरसों का तेल खाइए या मूंगफली का तेल खाइए लेकिन रिफाइंड ऑयल नहीं खाना है.

तीसरा उपाय

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तीसरा उपाय हम बताने जा रहे हैं वह है पीपल का पत्ता. इसके सेवन से 99% हार्ट के ब्लॉकेज दूर हो जाती है, इस उपाय को करने के लिए आप पीपल के 15 पत्ते लें, जो कोमल गुलाबी हो, पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हो. इसके बाद पत्तों का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें और फिर पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें. इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आंच पर तब तक पकने दें जब तक कि पानी उबलकर एक तिहाई ना रह जाए.

जब पानी उबल जाए तब उसे ठंडा कर लें और साफ कपड़े से छान लें, उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार है. इसका इस्तेमाल कैसे करना है यह थोड़ा जान लीजिए. इस काढ़े की तीन खुराक बनाकर प्रत्येक 3 घंटे बाद प्रातः जैसे सवेरे 8:00 बजे और फिर 11:00 बजे और आखिर में 2:00 बजे ली जा सकती है. खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए बल्कि हल्का नाश्ता करने के बाद ही इस काढ़े को लें. हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर से दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती.